Day 3 Wednesday
1 सैलावी तथा मेयर के अनुसार संवेगात्मक बुद्धि क्या हैं ?(20 W)
उत्तर :
सैलावी तथा मेयर के अनुसार संवेगात्मक बुद्धि ; "अपने तथा दूसरे व्यक्तियों के संवेगों के प्रति संवेदनशीलता, समझ, उनमें विभेदन करने की योग्यता तथा प्राप्त सूचनाओं के अनुसार अपने चिंतन तथा व्यवहार को निर्देशित करने की योग्यता ही सांवेगिक बुद्धि है।"
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| Day 3 |
2 संवेगात्मक बुद्धि के संदर्भ में सैलावी तथा मेयर के योग्यता मॉडल को समझाइए।(50 W)
उत्तर
Book = "What is El"
संवेगात्मक बुद्धि से परिपूर्ण व्यक्ति में निम्न योग्यता होती है
1) अपने संवेगों को जानना
2) अपने संवेगों का प्रबंधन कर सकते है
3) स्वयं को अभिप्रेरित कर सकते है
4) दूसरों के संवेगों का पहचान कर सकते है
5) दूसरों से संबंधों को बनाए रख सकते है।
3 आपके अनुसार समूह संरचना के मुख्य घटक क्या - क्या हो सकते हैं ?(20 w)
उत्तर
समूह संरचना के मुख्य घटक :-
1 समूह मानक
2 व्यक्ति का व्यवहार
3 समूह में भूमिका
4 समूह में संस्थिति
3 समूह निर्माण प्रक्रिया की 'टकमेन थ्योरी' को समझाइए।(50 W)
उत्तर
समूह निर्माण एक प्रक्रिया के तहत होता है। समूह का निर्माण आराम की अनुभूति और सुरक्षित रहने की दृष्टि से होता है। टकमैन के समूह निर्माण (Group Formation) अनुसार समूह पांच विकासात्मक प्रक्रमों से गुजरता है, जिन्हें टकमैन थ्योरी भी कहा जाता है।
समूह निर्माण प्रक्रिया / टकमैन थ्योरी :
1. निर्माण अवस्था (Forming Stage):
इस अवस्था में लोग लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु पहली बार मिलते है तथा एक-दूसरे को जानने का प्रयत्न करते हैं।
2. झंझावत अवस्था (Stroming Stage):
इस अवस्था में समूह के सदस्यों के मध्य लक्ष्यों की प्राप्ति, समूह नियंत्रण, कार्य इत्यादि को लेकर द्वन्द्व चलता है। इन प्रश्नों के समाधान के लिए विचार विमर्श किया जाता है। इस अवस्था में मत भिन्नता व संघर्ष की स्थिति भी बन जाती है।
3. प्रतिमान अवस्था (Norming Stage):
यह मेल मिलाप व आम सहमति की अवस्था है जिसमें द्वितीय अवस्था (स्टॉर्मिंग) के परिणामस्वरूप कुछ निर्णय एवं नियम बनाये जाते है जो समूह प्रतिमान कहलाते है। ये प्रतिमान समूह व्यवहार को निर्धारित करते हैं।
4. निष्पादन अवस्था (Performing):
इस अवस्था में समूह की संरचना विकसित हो जाती है। सभी सदस्य लक्ष्य प्राप्ति हेतु अपने निर्धारित कार्य करने लगते हैं।
5. समापन अवस्था (Adjourning):
कार्य/लक्ष्य पूर्ण हो जाने पर समूह भंग हो जाता है।
5 ऑस्टिन के अनुसार 'दायित्व' क्या हैं ?(20 W)
उत्तर
ऑस्टिन के अनुसार विधिक दाथिल कर्तव्य भंग होने के पश्चात् उत्पन्न होते हैं। कर्तव्य भंग के पश्चात जिस किसी कार्य के लिए व्यक्ति को उत्तरदायी बनाया जा सके, वहीं उनका दायित्व कहलाता है।
6 कठोर एंव प्रतिनिधात्मक दायित्व पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (50 W)
उत्तर
कठोर एवं प्रतिनिधात्मक दायित्व (strict & vicarious liability)
जब कोई व्यक्ति किसी अन्य के माध्यम से कार्य करवाए अथवा कार्य करने का आदेश दे तो कर्तव्य भंग की दशा में आदेश देने वाले व्यक्ति का कठोर दायिल होता है एवं कर्तव्य भंग करने वाले का दायित्व प्रतिनिधात्मक दायित्व कहलाता है।
जैसे : भोपाल गैस त्रासदी।
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